Thursday, 10 December 2015

न्याय बिकता है , बोलो खरीदोगे ?

 

  
आज हाईकोर्ट से सलमान खान के बरी होने पर कुछ फेसबुकिया नोट्स


  • मेरे मित्र बालेश्वर एक गाना गाते थे , ' बेंचे वाला चाही , इहां सब कुछ बिकाला ! ' देखिए उन का गाया एक और गाना याद आ गया है ,' नाचे न नचावे केहू , पैसा नचावेला ! '

  • प्रिंट मिडिया के लिए एक पिद्दी सी मजीठिया आयोग की सिफ़ारिश लागू कराने में देश की सर्वोच्च अदालत को पेचिश आ जाती है । खांसी-जुकाम हो जाता है । सारा क़ानून पानी पीने चला जाता है । लेकिन एक हत्यारे सलमान खान को बाइज्जत बरी करने में सारा क़ानून अंधा हो जाता है । भ्रष्टाचार में आकंठ डूबी जय ललिता को बरी करने में सारा क़ानून नपुंसक हो जाता है । हर गली का , हर हलके का अपराधी ऐसे ही थोड़े राजा बेटा बन कर घूमता है । यह बेहूदी और कमीनी न्यायपालिका ही उसे राजा बेटा बना कर समूची मनुष्यता को मुर्गा बना देती है ।

  • यह सलमान खान , वह जय ललिता और कुत्ती न्यायपालिका। पैसे के आक्सीजन और अन्याय की खाद में बदबू मारती हुई।

  • मैं ने इस नपुंसक क़ानून को , इस के कुत्तापन को झेला है। न्यायपालिका के दोगलेपन पर एक उपन्यास अपने-अपने युद्ध लिख कर झेल चुका हूं कंटेम्प्ट आफ़ कोर्ट भी। सो इस जहन्नुम की हकीकत भी खूब जानता हूं ।

  • हाय रे जॉली एल एल बी ! आज तो तुझे भी रोना आ रहा होगा ! चुपके-चुपके ही सही , छुप-छुपा के सही।

  • सलमान खान के लिए तो सहूलियत ही सहूलियत है। अदालत और क़ानून तो उन के साथ हो ही गए हैं । सोने पर सुहागा यह कि कम्यूनल और सेक्यूलर टीम भी उन के साथ है। इस संयुक्त सद्भावना के क्या कहने ! बस कुछ निष्पक्ष टाईप के मिडिल क्लास मूर्ख ही हैं जो आंय-बांय-सांय किए हुए हैं। नक्कारखाने में तूती की तरह। फ़ैसला तो हो गया। वह बरी तो हो गया । सुप्रीम कोर्ट भी क्या खा कर इस फ़ैसले को पलटेगा भला ! न्याय तो लक्ष्मी की दासी सर्वदा से ही है। यह कोई नई बात नहीं है। मामला परंपरागत है। नज़ीरें अनेक हैं ।

  • सोनिया गांधी और राहुल गांधी को संसद में गुंडई करने और उस का वक्त ख़राब करने की जगह सलमान खान से कुछ सीख लेनी चाहिए । इस से उन को जो राहत मिलेगी सो मिलेगी ही , कांग्रेस भी बरबाद होने से शायद बच जाए।

  • सलमान खान ने तेरह साल पहले फुटपाथ पर सोए एक आदमी को अपनी कार से कुचल कर मार दिया था । आज फुटपाथ पर सोए क़ानून और न्याय दोनों को अपने पैसे तले कुचल कर मार डाला। क़ानून और न्याय दोनों को कुत्ता बना कर मार दिया ।

  • न्याय बिकता है , बोलो खरीदोगे ?

  • हिट एंड रन केस को भी सलमान खान ने आज हाई कोर्ट में हिट एंड रन कर दिया । अब वह आज़ाद पक्षी हैं । पैसे और जुगाड़ में ताकत बहुत होती है । सलमान इसी लिए सलमान हैं । कोई आमिर और शाहरुख़ खान नहीं । खानों के खान , सलमान खान ।  

2 comments:

  1. आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल शनिवार (12-12-2015) को "सहिष्णु देश का नागरिक" (चर्चा अंक-2188) पर भी होगी।
    --
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
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    चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
    जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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  2. शादी विवाह का मौसम चल रहा है। कार्यक्रमों मे चारो तरफ चकाचौंध है, यह देख कर लगता है कि इस देश का सर्वहारा विकास की दौड़ में बहुत पीछे छूट गया है।
    राजनैतिक दलों के नेताओं के जीवन स्तर में काफी गुणात्मक सुधार हुआ है।
    चलिये राजनीति किसी के काम तो आई।

    जनता गुलाम अली की गजल गा रही है,

    रास आया नहीं तस्कीन का साहिल कोई....मुझको फिर प्यास के दरिया में उतारा जाए।

    मै शत प्रतिशत राष्ट्रवादी हूं, पर जनवादीयों का ये गीत प्यारा लगता है,

    ,,,,अभी तो जम्हूरियत के साये में अमीरियत पनप रही है, ,,,,,
    अभी वही हैं निजामे कुहना,,,,, अभी तो रंजो अलम वही है।

    नये निजाम, तुम कितने नंगे हो,,,,,
    आप को सलाम।।

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